ठहरो-ठहरो मुझे अपनी तो ख़बर होने दो…

सारी दुनिया को अपनी मुट्ठी में क़ैद समझ कर चलने वाला तो अभी ख़ुद को भी नहीं जानता है। वह कौन है, उसकी ताक़त क्या है?

ठहरो-ठहरो मुझे अपनी तो ख़बर होने दो… जारी >