जो इच्छा से बंधा हुआ नहीं है,वह मुक्त है,जो स्वतंत्र है वही निर्भय है…
जीवन में संतुलन का नाम शून्यता है,संतुलन बिन्दु ही निर्भयता का केन्द्र है,यही निर्भय बनाता है,यहीं ऊर्जा लहर का उच्चतम शिखर है।
जो इच्छा से बंधा हुआ नहीं है,वह मुक्त है,जो स्वतंत्र है वही निर्भय है… जारी >










