मैंने सीखा, रास्ते चलने के लिए बनाए जाते हैं, इंतजार के लिए नहीं
कट्ठीवाड़ा से तो अब समेटना ही होगा। बहुत भारी मन से यह स्वीकारना होगा, यह एक बड़ी हार है। सम्मान और प्रेम तो यहाँ भी है लेकिन सिर्फ इसके साथ काम कर पाना संभव नहीं है।
मैंने सीखा, रास्ते चलने के लिए बनाए जाते हैं, इंतजार के लिए नहीं जारी >










