शब्दों के ऑर्केस्ट्रा में साइंस एक म्यूजिकल स्ट्रिंग
इस पुस्तक को पढ़कर महसूस होता है कि इंसानी भावनाओं और बातचीत का डायनामिक्स हमारी ज़िंदगी में बहुत कुछ मायने रखता है।
शब्दों के ऑर्केस्ट्रा में साइंस एक म्यूजिकल स्ट्रिंग जारी >
इस पुस्तक को पढ़कर महसूस होता है कि इंसानी भावनाओं और बातचीत का डायनामिक्स हमारी ज़िंदगी में बहुत कुछ मायने रखता है।
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यहां एक पहेली भी नज़र आती है जो बारिश के हर्फ़ को उल्टाने की बात कह रही है। बारिश लफ्ज़ जिन तीन हर्फ़ों से मिलकर बना है। उन्हें अगर उल्टा दिया जाए तो वह शराब लफ्ज़ के हर्फ़ों में तब्दील हो जाता है।
बारिश के सब हुरूफ़ को उल्टा के पी गया… जारी >
यह कहा जा सकता है कि सांगीतिक डोमेन में राग की छवि का रूपांतरण का कीमिया एक गणितीय प्रक्रिया है जो एक जटिल सिग्नल को उसके मूल आवृत्ति घटकों में विभाजित करता है।
जिन्हें सुन अभंग याद आता है, जोहार माय बाप,जोहार माय बाप जारी >
लियो एक बहुत सामान्य इंसान है। पिता का विराट व्यक्तित्व उसे ढँके रहा जब वह उनसे दूर जाता है तब सही गलत को निष्पक्ष देख पाता है।
बिना चीख चिल्लाहट, हौले से दर्द और भावनाओं को उकेरती फिल्म जारी >
एलिस को यह जानते डर लगता है लेकिन पति को बताने पर वह इसे बहुत हल्के में लेते हैं। डॉक्टर से मिलते हुए भी वह जिस उग्रता से इसके लक्षणों को नकारते हैं।
… अंत में जो बच जाता है वह आँखें भिगो देता है जारी >
जैसे ही दो उंगलियां उठीं, वे उठी ही रह गईं। इसके बाद क्या बोलना है, कुछ याद नहीं आया। घबराहट इतनी थी कि न तो कुछ याद आ रहा था और न ही उंगली नीचे हो रही थी।
जब कवि की उंगली तिलोत्तमा के सामने रुकी रह गई जारी >
वृंदावन के निधिवन में राधा-कृष्ण के महारास की गाथा सुनाई जाती है। मान्यता के अनुसार, निधिवन में रात के समय राधा और कृष्ण महारास के लिए आते है।
शरद पूर्णिमा में रास: हिय प्रेम का ताप उपजावे जारी >
पहली बार किसने पहचाना होगा कि यह है शरद की पूर्णिमा? किसने दिया होगा इसे यह नाम? शरद की पूनम पर भाव खिल आते हैं…
… तो चलो आज कुछ चाँद हो जाए जारी >
अगर अपनी मंज़िल तक पहुंचना है तो इस संजीदगी के साथ सफ़र तय किया जाए कि किसी को पता न चले और आपकी मंज़िल आपके कदमों में हो।
जो डूबना है तो इतने सुकून से डूबो… जारी >
पंडित छन्नूलाल मिश्र ने जीवन के अंतिम पड़ाव तक न गुरु को विस्मृत किया न उनकी शिक्षाओं को। करीब 10 साल पहले कला समीक्षक-पत्रकार विनय उपाध्याय ने पंडित छन्नूलाल मिश्र से लंबी बात की थी। पुनर्पाठ में उसी साक्षात्कार के प्रमुख अंश:
पं. छन्नूलाल मिश्र: गुरु ने कहा था, भीतर-बाहर एक जैसा दिखना… जारी >