कॉकरोच: अपमान के लिए उपयोग होने वाला शब्द नया राजनीतिक सत्य
क्या अमेरिकी साम्राज्यवाद आत्म-हत्या की दिशा में नहीं बढ़ रहा है!
महिला मुद्दों की जिम्मेदार रिपोर्टिंग जरूरी
वेट…! सर को आ जाने दीजिए, वहीं बताएंगे ना
सिनेमाई क्रूरता के इस दौर में कला से ही उम्मीद: प्रो. गोहिल
बिना गोलियों का युद्ध और वैश्विक शांति की तलाश
होबोसेक्सुअलिटी: महंगी सिटी में रहने की जुगाड़!
‘हार्ड डिस्क के बारे में बात करनी है? किसी मेल कलीग को फोन दीजिए’
स्लीप डिवोर्स: अलग बिस्तर, रिश्ते बेहतर
मीठी गोलियों का जादू… सेहत बनाने में सहायक
राजरंग
कांग्रेस रामचंद्र गुहा से कहना तो चाहती होगी- यू टू ब्रूटस!
पत्रकार करण थापर को हाल ही में दी गई एक भेंटवार्ता में प्रसिद्ध इतिहासकार और राजनीतिक विश्लेषक रामचंद्र गुहा ने…
77 प्रतिशत दवा निर्माता कर रहे किसी न किसी मानक का उल्लंघन
भारत वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं में नेतृत्व का दावा करता है। अमानक दवा का यह संकट भारत के लिए न केवल…
ताक पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश, मौत कैसे रूके?
हिरासत में मौत एक सार्वभौमिक समस्या है और इसे बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के बाद उल्लंघन का सबसे क्रूर रूप…
सबरंग
मंच पर ‘बूढ़ी काकी’: काकी का अधीर मन और इच्छा का प्रबल प्रवाह
बचपन में पढ़ी यह कहानी तो आपको याद होगी? कथा सम्राट प्रेमचंद की प्रख्यात कहानी ‘बूढ़ी काकी’। संपर्क बुनियादी शाला…
यादों का कारवां: बाई आज तू वेती तो…
मदर्स डे पर मां का फोटो देख कर मुझे बस एक बात ही याद आई.. बाई तू आज वेती तो…
अनिल यादव की नजर से: सफेद बाघ को समझने के 29 मिनट
प्रख्यात पत्रकार और वन्य जीवन विशेषज्ञ स्व.अनिल यादव की फिल्म ‘सफेद बाघ: अनंत कैद, बीज नाश या आजादी?’ याद दिलाती…
मनरंग
मैंने सीखा, रास्ते चलने के लिए बनाए जाते हैं, इंतजार के लिए नहीं
कट्ठीवाड़ा से तो अब समेटना ही होगा। बहुत भारी मन से यह स्वीकारना होगा, यह एक बड़ी हार है। सम्मान…
टर्निंग पाइंट आ ही गया, नारे लगे− बाबा, हम तुम्हारे साथ हैं…
मैं अंततः अब जीवन के अपने संभवतः सबसे रचनात्मक काल में प्रवेश कर रहा हूँ। देखते हैं, कितना क्या संभव…
एक लक्ष्यहीन यात्राःकट्ठीवाड़ा के ‘बाबा’ बम्हनी में ‘दादा’, प्रेम व विश्वास ही आधार
लगता है एक “लक्ष्यहीन यात्रा” पर निकल पड़े व्यक्ति को लक्ष्य निर्धारित किये बिना ही सुखमय – सार्थक मनुष्य-जीवन जीने…
जीवनरंग
वेनिस पहुँचा भारत का वो दर्द जो हर उस इंसान का है जो घर से दूर है…
यह मंडप हमें बताता है कि घर कोई स्थायी पता नहीं है। घर वो तड़प है जो पता मिट जाने…
पुलिस आम! ये कैसा नाम है?
आम को फलों का राजा यूं ही नहीं कहते। वह केवल एक फल नहीं बल्कि एक इमोशन हो चुका है।…
बुढ़ापे की गरिमा को कायम रखने के लिए ख्याल तो बढ़िया है…
देखा जाए तो, बुढ़ापा सिर्फ बंद होते दरवाजों और खिडकियों का नाम नहीं, बल्कि एक नए नजरिए के खुलने का…
ज्ञानरंग
ज्ञान भी ज्ञानियों का पीछा करता है,उन्हें संरक्षण भी देता है…
सच्चा ज्ञान प्रकाश है और नीरव एकांत के बीहड़ में,अंधेरे में प्रकाश का स्पार्क खुरदुरे चकमक पत्थर की रगड़ से…
जो इच्छा से बंधा हुआ नहीं है,वह मुक्त है,जो स्वतंत्र है वही निर्भय है…
जीवन में संतुलन का नाम शून्यता है,संतुलन बिन्दु ही निर्भयता का केन्द्र है,यही निर्भय बनाता है,यहीं ऊर्जा लहर का उच्चतम…
55 की उम्र में एवरेस्ट फतहः प्रामाणिक होकर ही छू सकते हैं शिखर….
आज बातें अदम्य साहस और संकल्प की धनी एक अज़ीम शख्सियत विदुषी ज्योति रात्रे की, जो पर्वतारोहण के रिकार्ड के…
