“हे भगवान, इन सबका टिकट कंफर्म करवा दो,प्लीज”
दोपहर के ठीक तीन बजे, 5 महिलाओं, 5 पुरुष, एक गाय, एक कुता, कोई एक दर्जन पौधों, और घरेलू सामान से लदा–फदा हमारा ट्रक-सह-बस रवाना हुआ। लेकिन मेरा उत्साह ठंडा पड़ चुका था।
“हे भगवान, इन सबका टिकट कंफर्म करवा दो,प्लीज” जारी >










