सुप्रीम कोर्ट

किसी व्यक्ति को डराना आईपीसी की धारा 387 के तहत अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को भयभीत करने से आरोपी भारतीय दंड संहिता की धारा 387 के तहत अपराध का दोषी हो जाएगा; इसके लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 383 के तहत जबरन वसूली के सभी तत्वों को पूरा करना आवश्यक नहीं है।

किसी व्यक्ति को डराना आईपीसी की धारा 387 के तहत अपराध जारी >

अभिव्यक्ति की आजादी सबसे कीमती, इसे दबाया नहीं जा सकता

यह मामला दिखाता है कि हमारे संविधान के अस्तित्व में आने के 75 साल बाद भी राज्य की कानून प्रवर्तन मशीनरी नागरिकों को दिए गए मौलिक अधिकार के बारे में या तो अनभिज्ञ है या इस मौलिक अधिकार की परवाह नहीं करती है।

अभिव्यक्ति की आजादी सबसे कीमती, इसे दबाया नहीं जा सकता जारी >

यादें 2024: जमानत पर बदला न्याय का तरीका

जुलाई 24 से लेकर अब तक सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में आरोपी लोगों की एक बड़ी संख्या को जमानत दी है या उनकी जमानत की पुष्टि की है। इन फैसलों से परिप्रेक्ष्य में बदलाव का स्पष्ट संकेत मिलता है।

यादें 2024: जमानत पर बदला न्याय का तरीका जारी >

मौत के बाद भी प्रजनन का अधिकार: क्‍या हम तैयार हैं?

दिल्‍ली हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्‍तुत एक याचिका ने मृत्‍यु उपरांत संतान उत्पन्न करने के कानूनी और नैतिक पहलुओं सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया है। 84 पन्नों के इस फैसले को जानना अहम् है।

मौत के बाद भी प्रजनन का अधिकार: क्‍या हम तैयार हैं? जारी >