एक के बाद एक पत्र आते हैं और परिवार डरता जाता है
न्यूजर्सी के सबर्ब वेस्टफील्ड की ऐसी ही एक शानदार विला 657 बुलावर्ड की ये कहानी अपने आप में इसलिए अलग है क्योंकि इसमें कोई भूत-प्रेत नहीं है।
एक के बाद एक पत्र आते हैं और परिवार डरता जाता है जारी >
न्यूजर्सी के सबर्ब वेस्टफील्ड की ऐसी ही एक शानदार विला 657 बुलावर्ड की ये कहानी अपने आप में इसलिए अलग है क्योंकि इसमें कोई भूत-प्रेत नहीं है।
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फिल्म बहुत हौले से बताती है कि जीवन में जब कुछ बुरा हो उससे भागने के बजाय उसका सामना किया जाना चाहिए। जिस दिन ये समझ लिया, उस दिन बहुत कुछ सुलझ सँवर जाता है।
खाली हुई जगह को जीवन से जोड़ने की कोशिश करती सीरीज जारी >
यह मंडप हमें बताता है कि घर कोई स्थायी पता नहीं है। घर वो तड़प है जो पता मिट जाने के बाद भी बची रहती है।
वेनिस पहुँचा भारत का वो दर्द जो हर उस इंसान का है जो घर से दूर है… जारी >
मणिपुरी भाषा में ‘खोंगचट’ का मतलब होता है ‘यात्रा’ या ‘मोर्चा/रैली’। यह नाटक एक तोते ‘मिजाओ’ की जीवन यात्रा की लोककथा पर बुना गया था। ‘स्वप्नयान’ की यह प्रस्तुति वास्तव में विहान और उसके रंगकर्म की ‘खोंगचट’ है।
विहान की ‘खोंगचट’: परस्परता से दमका रंगकर्म का क्षितिज जारी >
लफ़्ज़ी मआनी पर ग़ौर करें तो यह शेर नाउम्मीदी में उम्मीद जगाने की बात करते हुए कहता है कि हर आशा निराशा में ही मौजूद होती है।
रात को तब्दील होते रोशनी में देखिए… जारी >
करीब बीस-पच्चीस मिनिट की चढ़ाई के बाद झरने तक पहुंच गए। बेहद रमणीक स्थान है। मैं तो खड़ा देखता ही रह गया। यहां से हटने का मन ही नहीं कर रहा था।
मैंने अपना पूरा नाम बताया तो वे एकदम उछल पड़े… जारी >
आज तय किया है कि घोसलिया से काफी दूरी पर तीसरा बांध देखने जाएंगे जो इसी साल पूरा हुआ है और जिसमें पहली बार पानी भरा है।
नक्सलवाद के एक काल्पनिक बिजूके को प्रतीक बनाया गया जारी >
झाबुआ जिले में जल संरक्षण का काम बड़े स्तर पर काफी समय से चल रहा है। मैं पहले कभी झाबुआ नहीं गया था इसलिए जाने की इच्छा तो है।
दोनों घूम-घूम कर पार्टी का प्रचार कर रहे हैं, सावधान रहना जारी >
अब मैं केवल भविष्य की बातें करता हूं। अतीत की नहीं। एक माह में यह बड़ा परिवर्तन आया प्रतीत हो रहा है। महसूस हो रहा है कि मुझमें अब काफी स्पष्टता आती जा रही है।
भोपाल करीब आने लगा तो मैं ट्रेन में ऊपर चढ़कर बैठ गया… जारी >
अब मैं केवल भविष्य की बातें करता हूं। अतीत की नहीं। एक माह में यह बड़ा परिवर्तन आया प्रतीत हो रहा है। महसूस हो रहा है कि मुझमें अब काफी स्पष्टता आती जा रही है।
जीवन में पहली बार रोजदारी की थी, वह भी भक्ति की! जारी >