हमरंग

हमारी अपनी शाम का रंग

शब्‍दों और तस्‍वीरों का मिला जुला रंग हमें खुद से, अपनी यादों से जोड़ता है। हमरंग में उसी शाम का रंग जो हमारी अपनी है। हमारी यादों वाली शाम। हमारे अहसासों वाली शाम।   

हमारी अपनी शाम का रंग जारी >

मटके तो मटके हैं

लकड़ी द्वारा घुमाया जाने वाला चाक आजकल बिजली से चलने लगा है। गधे पर मिट्टी लाने का काम ट्रैक्टर पर निर्भर हो गया है। बेचने के लिये फेरी लगाने के लिए मोटरसाइकिल का प्रयोग होने लगा है।

मटके तो मटके हैं जारी >

चाय को चाय ही रहने दो …

उन्होंने पूछा, ‘आप कौन सी चाय पियेंगी?’ मेरे लिए यह स्थिति और यह प्रश्न दोनों नए थे। मैं दो-तीन तरह की चाय के बारे में जानती थी लेकिन चाय की इतनी किस्में…तौबा तौबा। मैंने किसी तरह बस इतना कहा- ‘मैं सिंपल चाय लूंगी सर।’ मेजबान मुस्कराये, मानो मेरी कमअक्ली पर मन ही मन हंसे।

चाय को चाय ही रहने दो … जारी >

सिर पर सवार समोसा

सभी फोटो: गिरीश शर्मा आज समोसे की कथा जानिये। समोसा जिसे कोई तिकोना कहता है, कोई चमोचा भी। तिकाने आकारा का यह दक्षिण एशिया का एक लोकप्रिय व्यंजन है। यह कचौरी और आलूबड़े की बिरादरी का समान रूप से चर्चित

सिर पर सवार समोसा जारी >