शब्दों के ऑर्केस्ट्रा में साइंस एक म्यूजिकल स्ट्रिंग
इस पुस्तक को पढ़कर महसूस होता है कि इंसानी भावनाओं और बातचीत का डायनामिक्स हमारी ज़िंदगी में बहुत कुछ मायने रखता है।
शब्दों के ऑर्केस्ट्रा में साइंस एक म्यूजिकल स्ट्रिंग जारी >
इस पुस्तक को पढ़कर महसूस होता है कि इंसानी भावनाओं और बातचीत का डायनामिक्स हमारी ज़िंदगी में बहुत कुछ मायने रखता है।
शब्दों के ऑर्केस्ट्रा में साइंस एक म्यूजिकल स्ट्रिंग जारी >
यह कहा जा सकता है कि सांगीतिक डोमेन में राग की छवि का रूपांतरण का कीमिया एक गणितीय प्रक्रिया है जो एक जटिल सिग्नल को उसके मूल आवृत्ति घटकों में विभाजित करता है।
जिन्हें सुन अभंग याद आता है, जोहार माय बाप,जोहार माय बाप जारी >
आज के समय में एक युवा कवि द्वारा अंतर्मन के गंभीर संकेतों की ये अभिव्यक्तियां चौंकाती हैं और भविष्य के प्रति आश्वस्त भी करती हैं।
अंश की यात्रा: एक अनूठे कवि की सांगीतिक दस्तक जारी >
सितार को समर्पित यशस्वी कला गुरू उस्ताद सिराज खान के मेवाती स्कूल ऑफ सितार के वार्षिक प्रतिष्ठा आयोजन पर हंसध्वनि। यह संगीत समारोह ऐसे पवित्र विचार की अनुभूति दे गया,जिसे उपलब्धि ही कहना उचित होगा।
कॉस्मिक ऑर्केस्ट्रा और मेवाती घराने का संगीत जारी >
‘कुछ दस्तकें, कुछ दस्तख़त’ के केनवस पर उड़ान के पंख की कलम से लिखे गए चमकीले सुवर्ण हर्फ-हर्फ इस तरह महसूस किए जा सकते हैं जैसे ब्रेल लिपि के पाठक करते हैं।
ताकि संगीत-संस्कृति से हमारा रिश्ता पहले जैसा जरूर हो जारी >
नागनाथ जी के चित्र संग्रह देखकर ऑर्गेनिक फीलिंग्स पैदा होती हैं। ये चित्र एक सुघड़ सोच, विश्वास और कॉन्सेप्ट के तहत निर्मित हैं इसीलिए ये वैसा ही असर देखने में पैदा करते है और दर्शक-पाठक को रोककर थाम लेते हैं।
नागनाथ की पेंटिंग्स में सुनिए साइलेंस का म्यूज़िक जारी >
ऊर्जा का मौलिक गुण होता है कि वह स्वतंत्र रहना चाहती है, बंधकर रहना उसे भाता नहीं। मनुष्य के अंदर की बेचैनी दरअसल ऊर्जा के स्वतंत्र होने की इच्छा की तड़प का ही नाम है।
अनुभव में नहीं आती तब तक सवाल ही बनी रहती है जिंदगी जारी >
आज हम बात कर रहे हैं ऑर्गेनिक संवाद को बनाए रखने के लिए गठित प्रोफेशनल्स के समूह संवाद और संपर्क की। इस ग्रुप में के सदस्य बंद दरवाज़ों के लोग नहीं हैं बल्कि ये सब फ्रेश हवा की दुनिया के लोग हैं।
काम में आनंद ढूंढना और आनंद से काम करना, जिनका जीवन दर्शन जारी >
सोचकर देखिए! यात्रा में एक बार बगल में किसी की नेविगेटर सीट पर अगर ईश्वर सहयात्री के रूप में बैठ जाए तो फिर उस सफर को तो तब सफल होना ही है।
ईश्वर आपकी यात्रा सफल करे… कहने का अर्थ क्या है जारी >
रातों में तारों को हमारा निहारना कहीं हमारे होने की दिशा से हमारा बतियाना ही तो नहीं! एक फूल जब झरता है तो अंततः वह अपनी ही जड़ों के सबसे निकट होता है। जड़ें जहां से वह चला था। जड़ों के निकट ही तो बने रहते हैं सोते, झरने, जो अस्तित्व के हर हाल में होने, होते रहने की ओर एकमात्र इशारा हैं।
जीवन महज एक अनुभव है, हमें जिसे केवल देखना है जारी >