वाह, पचास रुपए? बड़े दिनों बाद इतने रुपए एक साथ देखे थे…
शाम के पांच बजे होंगे। एकाएक दो मोटरसाइकलें आकर रूकीं और उसमें से चार लोग उतरे। मैं रामायण पढ़ता रहा पर मन में आया कि ये लोग अचानक यहां कैसे आ धमके?
वाह, पचास रुपए? बड़े दिनों बाद इतने रुपए एक साथ देखे थे… जारी >










