ये कैसा रब्त है जो फ़ासले बढ़ाता है…
जीवन में भी यही होता है कि दो समान विचार वाले व्यक्ति एक-दूसरे से इस तरह जुड़े होते हैं कि वे क़रीब नहीं आते लेकिन फिर भी दोनों के मध्य एक संबंध स्थापित होता है।
ये कैसा रब्त है जो फ़ासले बढ़ाता है… जारी >
जीवन में भी यही होता है कि दो समान विचार वाले व्यक्ति एक-दूसरे से इस तरह जुड़े होते हैं कि वे क़रीब नहीं आते लेकिन फिर भी दोनों के मध्य एक संबंध स्थापित होता है।
ये कैसा रब्त है जो फ़ासले बढ़ाता है… जारी >
अभी तक विज्ञान फंतासी साहित्य प्रो-एडवेंचर प्रवृत्ति के हुआ करते थे मगर भारतीय परिवेश की सौंधी सुगंध में पगी यह कृति अहिंसा के मौलिक और निरपेक्ष स्वाद की महत्ता को अप्रत्याशित रूप से प्रमाणित कर जाती है।
सरल,सहज है अस्तित्व के विज्ञान को समझना जारी >
वे आवाजें जो रोज हमारे संग होती हैं, उनके पीछे की यात्रा को जानना बेहद दिलचस्प है। आवाज़ की दुनिया के सितारों की बातों में जीवन का फलसफा दिखाई देता है।
आवाज़ों के जुगनू: लफ़्ज़ों का ये दरिया अच्छा लगता है… जारी >
एक लिहाज से यह शेर प्रकृति के ज़रिए परमात्मा तक भी पहुंचता है। इश्तियार के ज़रिए इंसान की रूह तक भी पहुंचता है और इशारों के ज़रिए क़ुदरत के इरादों तक भी पहुंचता है।
नए पत्तों की आहट से भी शाख़ें भीग जाती हैं… जारी >
बारिश की बूंदें हों और जीवन का संगीत जम जाएं फिर क्या कहने? इन दिनों बरसोंगे तो कोई शिकायत भी नहीं होगी कि क्यों बरस रहे हो?
अरे बदरा, ये बहक कर जाने का नहीं, झूम कर बरसने का मौसम है जारी >
बहरहाल, जबलपुर की मावे की जलेबी की बात ही कुछ और है। यह केवल मिठाई नहीं, शहर की पहचान है। जब भी कोई परिचित जबलपुर से लौटता है, मन अनायास पूछ बैठता है, ‘जलेबी तो लाए होंगे?’
रिश्तों की चाशनी में पगी मावे की जलेबियाँ जारी >
दिल अक्सर फुर्सत ढूंढ़ता है। किसी ऐसे को खोजता है जो जरा फुर्सत में हो। कोई ऐसा जिसके पास चांद देखने की फुर्सत हो। ऐसा जिसके पास यूं ही बेबात बतियाने का समय हो। जो यूं ही साथ चल पड़े कि फुर्सत में है उस वक्त। मगर फुर्सत है कि हमें मिलती नहीं है।
दुनिया के तमाशे में फुर्सत खोजता हूं, आपके पास है क्या? जारी >
झक सफेद टिश्यू पेपर… ऐसा साफ कि बस देखते रहिए, पर यह भी सच है कि टिश्यू पेपर जब तक पैकट में रहता है तभी तक साफ रहता है।
लुभा लेता है झक सफेद और नाजुक टिश्यू पेपर जारी >
उदास धूप की शाख़ पर रात रखना ऐसा ही है, जैसे एक मुरझाए हुए पौधे को सूरज की सोहबत में या खुले वातावरण में रख दिया जाए।
उदास धूप की टहनी पे रात रख देना… जारी >
चे ग्वेरा ने भी बाइक यात्रा खत्म कर ली थी लेकिन अंदर जो यात्रा शुरू हुई थी वह तो अपने असली पडाव पर पहुंचनी बाकी थी।
मोटरसाइकिल यात्रा जिसके बाद एक डॉक्टर ने बंदूक उठा ली जारी >