मटके तो मटके हैं
लकड़ी द्वारा घुमाया जाने वाला चाक आजकल बिजली से चलने लगा है। गधे पर मिट्टी लाने का काम ट्रैक्टर पर निर्भर हो गया है। बेचने के लिये फेरी लगाने के लिए मोटरसाइकिल का प्रयोग होने लगा है।
लकड़ी द्वारा घुमाया जाने वाला चाक आजकल बिजली से चलने लगा है। गधे पर मिट्टी लाने का काम ट्रैक्टर पर निर्भर हो गया है। बेचने के लिये फेरी लगाने के लिए मोटरसाइकिल का प्रयोग होने लगा है।
सुप्रिया श्रीनेत, मृणाल पांडे और कंगना रनौत ने जो टिप्पणियां कीं उसमें उन्हें तत्काल कुछ भी गलत नहीं लगा। टोके जाने पर जरूर किसी ने समझदारी दिखाते हुए माफी मांग ली तो कोई अपनी बात पर अड़ा रहा लेकिन यहां असल चुनौती यह है कि ऐसी सोच को किस प्रकार समाप्त किया जाए?
मंडी से कंगना रनौत… और पोल खुलती गई जारी >
बहुत बताया और समझाया/ मुन्ने ये तो समझो यार/ राई के पहाड़ पर बैठ के कैसे/ देखोगे तुम फिर उस पार …
बाल कविता: राई का पहाड़ जारी >
होली और रंग एक दूसरे के पर्याय हैं। रंग उल्लास के प्रतीक भी हैं और रंग हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति का माध्यम भी। हर रंग कुछ कहता है, क्योंकि हम हर रंग में एक अलग रंगत पाते हैं। बल्कि यूं कहिए, हर रंग की हर समय एक अलग रंगत होती है। यह रंगत हमारे मन के रंग पर निर्भर करती है। जानिए, प्रख्यात कवि एकांत श्रीवास्तव की कलम से जानिए कि हर रंग क्या कहता है।
ये रंग हैं, और ये है इनकी रंगत जारी >
क्या यह जीवन के प्रति भयावह मोहभंग की स्थिति है जिसके कारण लोग अनजाने में ही सामूहिक निर्वाण की तरफ बढ़ रहे हैं? बगैर किसी बाहरी आपदा या हिंसा के भी इंसानियत खत्म हो सकती है?
कम होने के बेशुमार गम: बाशिंदों के लिए तरस रही दुनिया जारी >
भारत में बच्चों के यौन उत्पीड़न से संबंधित जटिल और संवेदनशील मुद्दों को ध्यान में रखते हुए 14 नवंबर 2012 को पॉक्सो अधिनियम लागू किया गया था। लेकिन लाख टके का सवाल है कि क्या यह बच्चों के यौन शोषण को रोकने में सफल हुआ? जवाब होगा, नहीं।
बच्चों को बचा न पाए तो किस काम का पॉक्सो? जारी >
“हां, मुझे आज भी डर लगता है। अल सुबह जब मैं वॉक या दौड़ने के लिए या फिर साइकिल चलाने के लिए अकेले निकलती हूं तो मुझे डर लगता है। इस डर के कारण ही मैं कोशिश करती हूं कि हूडी वाले जैकेट पहनूं जिससे मेरे स्त्री या पुरुष होने को लेकर भ्रम की स्थिति बन जाए।” इसकी वजह एकदम साफ है। बचपन में पैदल स्कूल जाते समय ही मुझे लोगों की निगाहों को पढ़ना आ गया था और शायद हर महिला को यह हुनर विरासत में मिलता है।
मैं डरती हूं, क्या आपको डर लगता है? जारी >
होली मूलतः रंगों का त्यौहार है। वृंदावन के श्रीधाम गोदा विहार मंदिर स्थित ब्रज संस्कृति शोध संस्थान में कई ऐसी दुर्लभ पाण्डुलिपि भी संग्रहित हैं जिनमें होली के अवसर पर गाये जाने वाले विभिन्न ब्रजभाषा पद संकलित हैंI
चोबा, चंदन, अरगजा वीथिन में रच्यौ है गुलाल जारी >
प्रख्यात पत्रकार और वन्य जीवन विशेषज्ञ स्व.अनिल यादव की फिल्म ‘सफेद बाघ: अनंत कैद, बीज नाश या आजादी?’ याद दिलाती है कि सफेद बाघ का सही स्थान, अन्य सभी वन्य जीवों की तरह चिड़ियाघर नहीं वन हैं।
अनिल यादव की नजर से: सफेद बाघ को समझने के 29 मिनट जारी >
विटामिन बी-12 की खोज का श्रेय अमेरिकी वैज्ञानिक मिनोटा और मरफ़ी को जाता है, जिनको 1934 में नोबेल पुरस्कार भी मिला था। प्रयोगशाला में बी-12 बनाने में सफलता 1973 में हासिल हुई थी, जिसमें अनेक देशों के वैज्ञानिकों के प्रयास शामिल थे!
बी 12: आखिर यह माजरा क्या है… जारी >