आई सा ‘मस्का-डोमेस्टिका’ इन माय रूम
तिवारी सर हमें हिंदी में अंग्रेजी पढ़ाते, स्थानीय भाषा और मुहावरों का प्रयोग करते। उनका पीरियड शांति और उल्लास के साथ गुजरता।
आई सा ‘मस्का-डोमेस्टिका’ इन माय रूम जारी >
तिवारी सर हमें हिंदी में अंग्रेजी पढ़ाते, स्थानीय भाषा और मुहावरों का प्रयोग करते। उनका पीरियड शांति और उल्लास के साथ गुजरता।
आई सा ‘मस्का-डोमेस्टिका’ इन माय रूम जारी >
बुलडोजर न्याय का पैटर्न अब कानून के शासन और न्याय प्रणाली के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है। यदि यह प्रथा अनियंत्रित जारी रहती है तो यह न्यायपालिका में जनता के विश्वास को खत्म कर देगी।
अभिशाप है रफ एंड रेडी न्याय अर्थात बुलडोजर जस्टिस जारी >
आज शिक्षक दिवस है और हमारी बात भी बिना शिक्षा के संदर्भों के पूरी नहीं हो सकती है कि बढ़ती आधुनिकता और भौतिक सुविधाओं के बीच एक मनुष्य के रूप में हम आखिर विकृत क्यों होते जा रहे हैं?
हमने यह कैसा समाज रच डाला है…क्यों रच डाला? जारी >
ये सारी बातें एक खीझे हुए क्षुब्ध मन का शिकायती एकालाप सी लग सकती हैं। परंतु कहना पड़ रहा है क्योंकि इतने सब के बाद जब सिस्टम के साथ-साथ समाज भी सवालिया निगाहों से देखता है तो एक शिक्षक का मन आहत होता है।
तुम पकौड़े तलना सीखो के दौर में श्रद्धा निधि जारी >
मेरे लिए प्रथम पंक्ति में बैठ कर फिल्म देखने का यह पहला मौका था। जब ‘कोई पत्थर से ना मारे मेरे दीवाने को’ गाना चालू हुआ तब सिक्कों की बरसात शुरू हुई।
फेंके हुए सिक्कों में से उनके हाथ 22 पैसे लगे… जारी >
शून्यता दरअसल बासीपन और ताजगी के बीच बनी हुई एक लकीर है जिसका आकार अधिक बड़ा करने की जरूरत है। यह जगह अपने आप में बड़ी डायनामिक है। यह परमानंद का ठिकाना है।
अपने भीतर ज्यादा से ज्यादा शून्यता पैदा करें … जारी >
क्रिकेट मैच के आंखों देखा हाल सुनने का भूत लड़कों के सिर चढ़ कर बोलता था। हर काल-खंड के बाद जब मास्साब की अदला-बदली होती ट्रांजिस्टर की आवाज बढ़ जाती।
… उसने जयघोष करते हुए परीक्षा हॉल में खर्रे बिखेर दिए जारी >
आज गीतकार शैलेंद्र की जयंती है। आज का दिन शैलेंद्र और रेणु की दोस्ती को याद करने का भी दिन है। शैलेंद्र के गीत को गुनगुनाते हुए अपने दोस्तों को याद करने का दिन।
शैलेंद्र: तेरी चाहत का दिलबर बयां क्या करूं? जारी >
सबकुछ विनेश के खिलाफ था लेकिन वह किसी चमत्कार की उम्मीद में वजन कक्ष में पहुंचीं। वहां कोई चमत्कार नहीं हुआ और उनका वजन 100 ग्राम अधिक निकला।
आखिर, उस रात विनेश फोगाट के साथ हुआ क्या था? जारी >
एक तथ्य सर्वस्वीकृत होना चाहिए कि सेक्स वर्कर भी समाज के समतुल्य नागरिक हैं, और कई बार तो वे कहीं बेहतर इंसान होते हैं।
… और कई बार तो वे कहीं बेहतर इंसान होते हैं जारी >