हम तरसते ही, तरसते ही, तरसते ही रहे…

यह जीवन दर्शन से जुड़ा शेर है। जो हमारे भीतर होता है उसे हम देख नहीं पाते और जो सामने दिखता है उसे सही समझ कर ज़िन्दगी भर तड़पते रहते हैं।

हम तरसते ही, तरसते ही, तरसते ही रहे… जारी >