साल नया पर मन का क्या?
क्या हम अपने जीवन की पूरी दिशा बदल सकते हैं? या हम सिर्फ संकीर्ण, घटिया, अर्थहीन जीवन जीने के लिए अभिशप्त हैं? क्या हम यह सब छोड़ सकते हैं और एक साफ स्लेट के साथ नए सिरे से शुरुआत कर सकते हैं?”
क्या हम अपने जीवन की पूरी दिशा बदल सकते हैं? या हम सिर्फ संकीर्ण, घटिया, अर्थहीन जीवन जीने के लिए अभिशप्त हैं? क्या हम यह सब छोड़ सकते हैं और एक साफ स्लेट के साथ नए सिरे से शुरुआत कर सकते हैं?”
आइए, बात करते हैं 2025 के लिए कुछ ऐसे ही संकल्पों की जो एक व्यक्ति, परिवार के सदस्य और सामाजिक रूप से भी हमें बेहतर मनुष्य बना सकें।
नया साल तो आ गया, आपने क्या प्लान किया? जारी >
उम्मीद करें कि नए वर्ष में आप भवानी प्रसाद मिश्र की कविता ‘कुछ लिखकर सो, कुछ पढ़कर सो, जिस जगह सवेरे जागा तू, उससे कुछ आगे बढ़कर सो’ के अंदाज में हर दिन जीते रहें।
2025 में यूं अपने आप तो कुछ भी नहीं बदलेगा जारी >
जुलाई 24 से लेकर अब तक सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में आरोपी लोगों की एक बड़ी संख्या को जमानत दी है या उनकी जमानत की पुष्टि की है। इन फैसलों से परिप्रेक्ष्य में बदलाव का स्पष्ट संकेत मिलता है।
यादें 2024: जमानत पर बदला न्याय का तरीका जारी >
जब आप साइलेंस का चुनाव करते हैं तो आप अपना चुनाव करते हैं। साइलेंस अगर आपकी दिनचर्या की प्राथमिकता बन जाए तो एक दिन आप अपने भीतर अपना एक सूरज उगा सकेंगे, अगर आपको अपनी ही रोशनी की तलाश है तो !
खामोशी को जान लिया तो अपना सूरज उगा लेंगे आप जारी >
देश में तबला के कई दर्जन गुणी कलाकार हुए हैं, सब एक से बढ़कर एक…लेकिन सब छात्रों की सूई आकर आपके पास ही अटक जाती…यार ये वाला बोल। कभी जाकिर जी को सुने हो…! क्या अद्भुत बजाया है।
ऐसा वक्त जब उस्ताद ने लगा दी गलत तिहाई जारी >
क्या कभी आपने उस्ताद ज़ाकिर हुसैन को बोलते हुए सुना है? तबले के पर्याय उस्ताद अल्ला रक्खा के इस विलक्षण बालक के तबला उस्ताद बनने की यात्रा उनके ही वक्तव्य से जानना अनूठा है।
उस्ताद का तबला तो बहुत सुना होगा, उनका बोलना सुनिए, अनूठा है जारी >
साल 2024 ने जाते-जाते यही एक बुरी खबर दी है। मशहूर तबला वादक ज़ाकिर हुसैन हमारे बीच नहीं रहे हैं। तबले पर थिरकी उनकी उंगलियों ने जो जादूगरी रची है वह हमेशा हमारे दिलों में रहेगी।
अलविदा उस्ताद… जिंदगी के फ्रेम में संगीत के सरताज जारी >
पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पिछले दिनों यह दावा करने के बाद विवाद उठ खड़ा हुआ है कि उनकी पत्नी, पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू कैंसर फ्री हो चुकी हैं। इस दावे और विरोध के आधार की पड़ताल करता है यह आलेख।
कैंसर के इलाज पर सिद्धू की बातें कितनी सच्ची? जारी >
मधुबन कॉटेज केवल एक गंतव्य नहीं है; यह एक जीवनशैली है। इसने मुझे धीमा होना सिखाया है, छोटे-छोटे क्षणों का आनंद लेना सिखाया है, और सादगी में खुशी पाना सिखाया है, अपनी शाश्वत सुंदरता और शांत आकर्षण के साथ।
कवि, चित्रकार, किस्सागो, यायावर और प्रेमी इसे बारम्बार देखें जारी >