दुनियादारी सिखाते हुए पापा ने कहा…
दुनियादारी सिखाते हुए पापा ने कहा- जीवन से बड़ी कोई किताब नहीं, मगर इसे अपनी रोशन नजर से पढ़ना…
दुनियादारी सिखाते हुए पापा ने कहा… जारी >
दुनियादारी सिखाते हुए पापा ने कहा- जीवन से बड़ी कोई किताब नहीं, मगर इसे अपनी रोशन नजर से पढ़ना…
दुनियादारी सिखाते हुए पापा ने कहा… जारी >
ये आठ नाम भले ही अलग-अलग शहरों से जुड़े हों, लेकिन इनकी कहानियां एक ही स्याह सच को बयां करती हैं, और वो हैं- लालच, धोखा और खून से सनी साजिशें।
नफरत की आठ कहानियों का भावार्थ क्या? जारी >
हर ऊंचाई पर पहुंचकर महसूस होता है कि यह वह ऊंचाई नहीं है जिसकी तमन्ना रही है। तो फिर वहां कैसे पहुंचा जा सकता है?
एक ही घूंट में दीवाने जहां तक पहुंचे… जारी >
ये कविताएं प्रेम के होने का उत्सव है। ‘होना’ यानी अस्तित्व। अपने अस्तित्व को पहचान से उपजी अभिव्यक्ति।
‘रास्ते पर चलना’ जीवन में भटक जाने का पर्याय था… जारी >
अजय सोडानी का नवीनतम यात्रा वृतांत “एक था जाँस्कर: सुवरण खुदैया चिऊँटो का देश” वस्तुतः एक ऐसी त्रासदी की गाथा है, जिस त्रासदी से बचा जा सकता था।
एक था जाँस्कर: भारत की प्राचीनतम बसाहट की अनूठी गाथा जारी >
चारों एपिसोड एक अपराध से जुड़े अलग अलग आयामों पर केंद्रित हैं जिनमें इंवेस्टिगेशन के दौरान कुछ बेहद भावुक और सुकूनदायक सीन आते हैं जो शीतल हवा के झोंकों सा अहसास देते हैं।
किशोरों के माता-पिता के लिए जरूर देखने वाली सीरीज जारी >
सारी दुनिया को अपनी मुट्ठी में क़ैद समझ कर चलने वाला तो अभी ख़ुद को भी नहीं जानता है। वह कौन है, उसकी ताक़त क्या है?
ठहरो-ठहरो मुझे अपनी तो ख़बर होने दो… जारी >
कल्पित का कृत्य महज नशे में की गई ‘चूक’ नहीं, बल्कि उनकी उस मानसिक संरचना का प्रतिशोध है जिसमें स्त्री उनके लिए अब कोई प्रेरणा नहीं, बल्कि प्रतिरोध बन चुकी थी।
डगमगाते कवियों का क्या? जारी >
पारिवारिक रिश्तों के इतर हमारे आस-पास इतने प्यारे रिश्ते होते हैं और वे जीवन के नाजुक मोड़ पर कैसे आपको संभाल सकते हैं यह देखना सुखद है।
चीजों को होने देने के इंतजार का धैर्य और उन पर खामोश नजर जारी >
पिछले दशकों में, कई प्रमुख राजनेताओं को तांत्रिकों और काला जादू से जुड़े होने के दावे सामने आए हैं। ताजा मामला महाराष्ट्र का है जहाँ तंत्र-मंत्र को लेकर एक गुप्त अनुष्ठान की कानाफूसी जारी है।
राजनीति में तंत्र-मंत्र और काले जादू की सत्ता जारी >