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मौत के बाद भी प्रजनन का अधिकार: क्‍या हम तैयार हैं?

दिल्‍ली हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्‍तुत एक याचिका ने मृत्‍यु उपरांत संतान उत्पन्न करने के कानूनी और नैतिक पहलुओं सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया है। 84 पन्नों के इस फैसले को जानना अहम् है।

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शरद है साल की पहली प्यारी मुस्कान

शरद ऋतु मानसून का विदाई गीत है। बारिश प्रकृति के शुद्धिकरण का त्यौहार है। उसके बाद कोई अदृश्य चितेरा बारिश में धुले, स्वच्छ आकाश के कैनवास पर हर कल्पनीय रंग बिखेर जाता है।

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दादा ने सुतली बम पकड़े रखा और जलती कंडी फेंक दी

भीड़ समवेत स्वर में जोर से चिल्लाई-छोड़ दो….। दादा ने बिना सुलगा सुतलीबम फेंक दिया। लोग हंसने लगे।

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इस तरह की प्रतीक्षाओं का अंत हो जाता है…

हर बार आप आश्चर्य से सीखते हैं। जो ज्ञान अचानक प्रस्फुटित हो, वही सिखा जाता है। हर अचानक घटना एक आश्चर्य का होना है।

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बाबा जान: एक अनकही कथा

उनका ‘अम्मा साहब’ कहलाना भी एक गहरे आध्यात्मिक अर्थ को धारण करता था। उनका अस्तित्व, उस एकता के महासागर में विलीन हो चुका था, जहां न स्त्री थी, न पुरुष, केवल ईश्वर के प्रेम की अनंत धारा थी।

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तू जहां तक दिखाई देता है, उससे आगे मैं देखता ही नहीं

शायरी वो कमाल की है कि सीधे दिल में उतरती है। वैसे ही जैसे दिल से कही जाती है। उन्‍हें खूब सुना गया। जितना सुना गया उससे ज्‍यादा सुनाया गया। कभी अपने हाल बताने के लिए, कभी अपने दिल की कहानी जताने के लिए।

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माह में एक फिल्‍म देखता लेकिन बैठता बालकनी में ही

जयेंद्रगंज, ढोली बुआ का पुल, इंदरगंज, हजीरा और मुरार में जैसे कोचिंग क्लासेस और गुरुजनों की बड़ी-छोटी दुकानें सज गईं। छात्र-छात्राओं का रेला दिन भर शहर की सड़कों पर भेड़ों की तरह भटकता रहता।

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तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था और सबसे ज्यादा कुपोषण

विश्व बैंक ने कुपोषण की तुलना ब्लेक डेथ नामक महामारी से की है जिसने 18 वीं सदीं में यूरोप की जनसंख्या के एक बड़े हिस्से को निगल लिया था।

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छत पर पढ़ने वाली लड़की असल में लड़का निकली

मुझे – 1.5 का चश्मा चढ़ेगा। चश्मा बनवाया गया। पता चला जिस बिल्डिंग की छत पर पढ़ने वाली को मैं लड़की समझता था, वो दरअसल एक लड़का था।

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