अब तो ले दे के वही शख़्स बचा है मुझमें…
यहां सवाल यह भी कि जिसे दुनियावी इश्क़ ऐसी नौबत तक लाने में नाकाम हो जाए उनका क्या? यहां आ कर यह शेर एक नए ज़ाविए के साथ सामने आता है।
अब तो ले दे के वही शख़्स बचा है मुझमें… जारी >
यहां सवाल यह भी कि जिसे दुनियावी इश्क़ ऐसी नौबत तक लाने में नाकाम हो जाए उनका क्या? यहां आ कर यह शेर एक नए ज़ाविए के साथ सामने आता है।
अब तो ले दे के वही शख़्स बचा है मुझमें… जारी >
जो बंदा बंदगी के रंग में डूबता है वह दुनियादारों से कुछ इसीलिए अलग होता है क्योंकि वह अपने भीतर छुपे हुए राज़ को राज़ नहीं रहने देता। वह सब कुछ सामने लाने की हिम्मत करता है।
मंज़िल पर पहुंचने की चाह में रास्तों से गुज़रना भूल जाते हैं… जारी >